30 दिन वाले रिचार्ज प्लान लागू होने पर राघव चड्ढा ने जताया आभार
30 दिन की वैधता वाले रिचार्ज विकल्प उपलब्ध कराने के फैसले का राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने स्वागत किया
प्रीपेड मोबाइल यूजर्स के लिए रिचार्ज से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। 30 दिन की वैधता वाले रिचार्ज विकल्प उपलब्ध कराने के फैसले का राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने स्वागत किया और सरकार तथा TRAI का आभार जताया।
राघव चड्ढा ने कहा कि नए नियमों से प्रीपेड ग्राहकों को अपनी जरूरत के हिसाब से रिचार्ज चुनने के अधिक विकल्प मिलेंगे। खासतौर पर 28 दिन की वैधता वाले प्लान के कारण होने वाली परेशानी को कम करने में 30 दिन की वैधता वाले विकल्प मददगार हो सकते हैं।
दरअसल, 28 दिन की वैधता वाले रिचार्ज के कारण ग्राहकों को एक साल में कई बार अतिरिक्त रिचार्ज करना पड़ता है। 30 दिन की वैधता वाला विकल्प मिलने से ग्राहक 12 महीने के लिए 12 रिचार्ज के हिसाब से अपनी सेवा को मैनेज कर सकते हैं।
Voice और SMS-only प्लान भी उपलब्ध होंगे
नए नियमों में उन ग्राहकों के लिए भी विकल्प बढ़ाए गए हैं जिन्हें मोबाइल डेटा की जरूरत कम होती है। टेलीकॉम कंपनियों को Voice और SMS-only प्लान उपलब्ध कराने होंगे।
इसका फायदा खासतौर पर उन यूजर्स को मिल सकता है जो मोबाइल फोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉलिंग और SMS के लिए करते हैं। ऐसे ग्राहकों को अनावश्यक डेटा वाले महंगे पैक लेने की जरूरत नहीं होगी।
संसद में पहले उठाया था मुद्दा
राघव चड्ढा ने बताया कि उन्होंने संसद में प्रीपेड रिचार्ज की 28 दिन वाली वैधता का मुद्दा उठाया था। उनका कहना था कि एक कैलेंडर वर्ष में 12 महीने होते हैं, लेकिन 28 दिन की वैधता के कारण ग्राहकों को साल में 13 बार तक रिचार्ज करना पड़ सकता है।
अब 30 दिन की वैधता वाले विकल्प लागू होने के बाद उन्होंने इसे उपभोक्ताओं के लिए राहत देने वाला कदम बताया है और संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।
ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
- 30 दिन की वैधता वाले रिचार्ज विकल्प मिलेंगे।
- 28 दिन वाले चक्र के कारण होने वाले अतिरिक्त रिचार्ज की जरूरत कम हो सकती है।
- Voice और SMS-only प्लान का विकल्प मिलेगा।
- कम डेटा इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को अधिक विकल्प मिलेंगे।
- अलग-अलग जरूरत और बजट के अनुसार प्लान चुनना आसान होगा।
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हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर मौजूदा 28 दिन वाला प्लान अपने आप 30 दिन का हो जाएगा। टेलीकॉम कंपनियां नए नियमों के अनुसार संबंधित विकल्प उपलब्ध कराएंगी और प्लान की कीमत तथा सुविधाएं कंपनी के हिसाब से अलग हो सकती हैं।