नागोर दरगाह के लिए 45 किलो चंदन की आपूर्ति का आदेश, CM विजय के कार्यक्रम को लेकर विवाद
तमिलनाडु में नागोर दरगाह के वार्षिक कंदूरी उत्सव के लिए सरकार की ओर से चंदन की लकड़ियां उपलब्ध कराने को लेकर विवाद सामने आया है। मुख्यमंत्री विजय द्वारा 22 अक्टूबर 2026 को चंदन की आपूर्ति से संबंधित सरकारी आदेश सौंपे जाने का कार्यक्रम निर्धारित था। हालांकि, दरगाह के प्रशासनिक सदस्यों ने कार्यक्रम की व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए इसमें शामिल नहीं होने का फैसला करने की बात कही।
कंदूरी उत्सव के लिए चंदन देने की परंपरा
नागपट्टिनम जिले के नागोर में स्थित नागोर दरगाह में हर साल कंदूरी उत्सव आयोजित किया जाता है। इस वर्ष दरगाह का 470वां वार्षिक उत्सव 10 नवंबर 2026 से शुरू होने वाला है। उत्सव के प्रमुख कार्यक्रमों में चंदनकूडु जुलूस शामिल है, जिसमें चंदन से जुड़ी धार्मिक रस्में निभाई जाती हैं।
तमिलनाडु सरकार इस उत्सव के लिए परंपरागत रूप से मुफ्त चंदन उपलब्ध कराती रही है। हालांकि, हालिया समाचार रिपोर्टों में चंदन की मात्रा को लेकर 40 और 45 किलोग्राम, दोनों आंकड़े सामने आए हैं। इसलिए इस वर्ष की आधिकारिक मात्रा की पुष्टि सरकारी आदेश से किया जाना आवश्यक है।
दरगाह प्रशासन ने क्यों जताई नाराजगी?
21 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, दरगाह के 11 आधिकारिक प्रशासकों ने बैठक की और चंदन का आदेश सौंपने के कार्यक्रम में आमंत्रित लोगों को लेकर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि चंदन का आदेश पारंपरिक प्रक्रिया के अनुसार दरगाह के अधिकृत प्रशासनिक प्रतिनिधियों को ही दिया जाना चाहिए।
प्रशासकों ने कथित तौर पर कहा कि यदि व्यवस्था में राजनीतिक हस्तक्षेप हुआ, तो वे कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। इस संबंध में अधिकारियों को ईमेल भेजे जाने की बात भी रिपोर्टों में सामने आई।
मंत्री शाहजहां ने क्या कहा?
तमिलनाडु के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री शाहजहां ने इन आरोपों को खारिज किया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य चंदन को उचित दरगाह प्रतिनिधियों तक पहुंचाना है और किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप सही नहीं हैं। उन्होंने प्रशासनिक सदस्यों से आपसी मतभेद दूर करने और उत्सव को शांतिपूर्वक आयोजित करने की अपील की।
कब शुरू होगा कंदूरी उत्सव?
नागोर दरगाह का 470वां कंदूरी उत्सव 10 नवंबर 2026 को ध्वजारोहण के साथ शुरू होने वाला है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। दरगाह अपनी धार्मिक परंपराओं और विभिन्न समुदायों के लोगों की आस्था के लिए जानी जाती है।
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निष्कर्ष
नागोर दरगाह के कंदूरी उत्सव के लिए चंदन की आपूर्ति का मामला सरकारी आदेश सौंपने की प्रक्रिया को लेकर विवाद में आ गया है। फिलहाल, कार्यक्रम के अंतिम परिणाम और दरगाह प्रशासन के निर्णय की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।