उत्तराखंड में ₹218 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी, स्वास्थ्य, सड़क और पर्यटन पर होगा खर्च
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में विकास कार्यों को गति देने के लिए लगभग ₹218 करोड़ की मंजूरी से जुड़ी घोषणा की है। इन योजनाओं में स्वास्थ्य सेवाओं, सड़कों के निर्माण, पर्यटन सुविधाओं, कॉलेज कर्मचारियों के वेतन और बाढ़ से बचाव से संबंधित कार्यों को शामिल किया गया है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और आम लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ₹13.48 करोड़
राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत ₹13.48 करोड़ की राशि मंजूर की गई है। इस धनराशि का उपयोग वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य के निर्धारित अंशदान के रूप में किया जाना है। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
21 कॉलेजों के कर्मचारियों के वेतन के लिए ₹77.69 करोड़
सरकार ने 21 अशासकीय कॉलेजों के कर्मचारियों के वेतन और संबंधित खर्चों के लिए ₹77.69 करोड़ की मंजूरी दी है। इस फैसले से संबंधित शिक्षण संस्थानों को वेतन भुगतान और अन्य आवश्यक खर्चों के प्रबंधन में सहायता मिल सकती है।
पिथौरागढ़ में सड़कों का होगा निर्माण
पिथौरागढ़ जिले में ग्रामीण संपर्क मार्गों को बेहतर बनाने के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है। धारचूला क्षेत्र के दार गांव में आंतरिक संपर्क मार्ग के लिए ₹93.08 लाख मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा, पिथौरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में भूमिया मंदिर गैथान से कालसिन मंदिर होते हुए खूनी गांव तक सड़क निर्माण के पहले चरण के लिए ₹92.32 लाख की मंजूरी दी गई है।
इन परियोजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन और स्थानीय संपर्क सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
पर्यटन और धार्मिक स्थलों का होगा विकास
बागेश्वर जिले में पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक मार्ग पर स्थित फुरकिया पर्यटक विश्राम गृह के नवीनीकरण और सुधार के लिए ₹4.44 करोड़ मंजूर किए गए हैं। इस परियोजना का उद्देश्य पर्यटकों और ट्रेकिंग करने वाले लोगों के लिए सुविधाओं में सुधार करना है।
वहीं, उधम सिंह नगर जिले के खटीमा स्थित शिव मंदिर अंजानिया में विकास कार्यों के लिए ₹10 लाख स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण, सुरक्षा व्यवस्था और चारदीवारी से संबंधित कार्य किए जाने हैं।
बाढ़ से बचाव और नदी क्षेत्र के प्रबंधन पर जोर
पौड़ी जिले में सतपुली बैराज परियोजना से संबंधित ढलान सुरक्षा कार्यों के लिए ₹4.89 करोड़ की मंजूरी दी गई है। इसके अतिरिक्त, शारदा यानी काली नदी के बाढ़ क्षेत्र के नियोजन से जुड़ी परामर्श सेवाओं के लिए ₹47.31 लाख स्वीकृत किए गए हैं।
इन कार्यों का उद्देश्य बाढ़ के संभावित जोखिमों को समझना, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करना और भविष्य की योजनाओं में आपदा प्रबंधन को ध्यान में रखना है।
नौ सड़क परियोजनाओं के लिए ₹115.36 करोड़
एक अलग बुनियादी ढांचा वित्तपोषण निर्णय के तहत केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (CRIF) से स्वीकृत नौ सड़क परियोजनाओं के लिए ₹115.36 करोड़ की पहली किस्त जारी करने की मंजूरी भी शामिल है। इन नौ परियोजनाओं की कुल स्वीकृत लागत ₹288.41 करोड़ बताई गई है।
आम लोगों को क्या होगा फायदा?
इन विकास योजनाओं से उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा संस्थानों, ग्रामीण सड़कों, पर्यटन स्थलों और बाढ़ प्रबंधन से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि परियोजनाओं का काम कितनी तेजी से पूरा होता है और स्वीकृत धनराशि का उपयोग किस तरह किया जाता है।
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ध्यान दें: ₹218 करोड़ की मुख्य घोषणा और अलग से बताई गई सड़क परियोजनाओं की राशि को जोड़कर कुल खर्च नहीं मानना चाहिए, क्योंकि अलग-अलग मदों में स्वीकृति और धन जारी करने के चरण अलग हो सकते हैं।