डायबिटीज
डायबिटीज मरीजों के पैरों में छोटा घाव भी बन सकता है गंभीर, जानें कब सावधान होने की जरूरत
डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए पैरों पर होने वाला छोटा कट, छाला या घाव भी कभी-कभी गंभीर समस्या का कारण बन सकता है। लंबे समय तक ब्लड शुगर बढ़ा रहने से नसों और रक्त प्रवाह पर असर पड़ सकता है। इससे पैर में चोट लगने के बाद दर्द कम महसूस हो सकता है और घाव भरने में ज्यादा समय लग सकता है।
छोटे घाव को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
डायबिटीज मरीजों में पैरों के घाव को लेकर सबसे बड़ी चिंता संक्रमण की होती है। अगर घाव का समय पर इलाज न हो तो संक्रमण आसपास के ऊतकों तक फैल सकता है और गंभीर मामलों में हड्डी तक पहुंच सकता है। इसलिए पैर में किसी भी तरह की चोट या घाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
पैरों की नियमित जांच जरूरी
डायबिटीज वाले लोगों को अपने पैरों की नियमित जांच करनी चाहिए। कट, लालिमा, सूजन, छाले, त्वचा के रंग में बदलाव या घाव से पानी अथवा मवाद निकलने जैसे संकेत दिखाई दें तो तुरंत सावधानी बरतनी चाहिए।
खासकर जिन लोगों के पैरों में संवेदना कम हो गई है, उन्हें अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है, क्योंकि चोट लगने के बावजूद उन्हें दर्द महसूस नहीं हो सकता।
ब्लड शुगर कंट्रोल करना भी जरूरी
डायबिटीज को नियंत्रित रखना पैरों से जुड़ी जटिलताओं के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लेना, ब्लड शुगर की नियमित जांच करना, संतुलित आहार लेना और नियमित शारीरिक गतिविधि करना मददगार हो सकता है।
अगर पैर का घाव तेजी से बिगड़ रहा हो, ज्यादा सूजन हो, बुखार आए, तेज दर्द हो या संक्रमण के संकेत दिखाई दें, तो जल्द डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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नोट: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। किसी व्यक्तिगत स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है।