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भारतीय शूटिंग के दिग्गज और मनु भाकर के मार्गदर्शक Jaspal Rana के निधन से खेल जगत में शोक, प्रधानमंत्री मोदी ने बताया देश के लिए बड़ी क्षति
नई दिल्ली। भारतीय खेल जगत के लिए 12 जून 2026 का दिन बेहद दुखद साबित हुआ। देश के महान निशानेबाज, प्रतिष्ठित कोच और युवा खिलाड़ियों के प्रेरणास्रोत Jaspal Rana का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके अचानक निधन की खबर से खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री Narendra Modi सहित कई दिग्गज नेताओं, खिलाड़ियों और खेल संगठनों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।
जसपाल राणा केवल एक सफल निशानेबाज ही नहीं थे, बल्कि भारतीय शूटिंग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले कोच के रूप में भी उनकी पहचान थी। उन्होंने अपने करियर में कई अंतरराष्ट्रीय पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया और बाद में कोचिंग के माध्यम से नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार किया। उनकी मेहनत और मार्गदर्शन का ही परिणाम था कि भारत ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया।
रिपोर्टों के अनुसार, जसपाल राणा हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप से भारतीय दल के साथ लौट रहे थे। यात्रा के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उनका इलाज किया और मेडिकल प्रक्रिया भी की गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की खबर सामने आते ही पूरे देश में शोक का माहौल बन गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि जसपाल राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए एक गहरी क्षति है। उन्होंने कहा कि राणा ने अपनी असाधारण उपलब्धियों से देश को गौरवान्वित किया और एक कोच के रूप में अनगिनत युवा खिलाड़ियों को दिशा दी। प्रधानमंत्री ने उनके अनुशासन, समर्पण और खेल भावना की सराहना करते हुए परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने भी उनके निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा केवल एक उत्कृष्ट खिलाड़ी और कोच ही नहीं थे, बल्कि बेहद सरल, विनम्र और नेकदिल इंसान भी थे। भारतीय शूटिंग को लोकप्रिय बनाने में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
जसपाल राणा का खेल करियर उपलब्धियों से भरा रहा। वे भारत के सबसे सफल शूटिंग खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्होंने एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में कई पदक जीतकर भारतीय तिरंगे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मान दिलाया। राष्ट्रमंडल खेलों में उनके नाम 15 पदक दर्ज हैं, जबकि एशियाई खेलों में भी उन्होंने कई स्वर्ण पदक हासिल किए। उनके प्रदर्शन ने भारत में शूटिंग खेल को नई पहचान दिलाई।
खिलाड़ी के रूप में सफलता हासिल करने के बाद उन्होंने कोचिंग को अपना मिशन बनाया। उन्होंने कई प्रतिभाशाली निशानेबाजों को प्रशिक्षित किया, जिनमें Manu Bhaker, Saurabh Chaudhary और अन्य युवा खिलाड़ी शामिल हैं। विशेष रूप से मनु भाकर की सफलता में उनका योगदान अक्सर याद किया जाता है। उन्होंने खिलाड़ियों को केवल तकनीकी प्रशिक्षण ही नहीं दिया, बल्कि मानसिक मजबूती और दबाव में प्रदर्शन करने की कला भी सिखाई।
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जसपाल राणा को उनके योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया था। उन्हें Arjuna Award, Padma Shri और Dronacharya Award जैसे सम्मान प्राप्त हुए। ये पुरस्कार उनके शानदार खेल करियर और कोचिंग में उत्कृष्ट योगदान की पहचान हैं।
जसपाल राणा का जाना भारतीय खेल जगत के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई आसानी से नहीं हो सकती। उन्होंने अपने प्रदर्शन, नेतृत्व और मार्गदर्शन से लाखों युवाओं को प्रेरित किया। भारतीय शूटिंग के इतिहास में उनका नाम हमेशा सम्मान और गर्व के साथ लिया जाएगा। खेल प्रेमी और खिलाड़ी उन्हें एक ऐसे मार्गदर्शक के रूप में याद रखेंगे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश के लिए समर्पित कर दिया।