BRICS Summit 2026
BRICS Summit 2026 मोदी-शी जिनपिंग की अहम मुलाकात, भारत-चीन रिश्तों पर नजर
नई दिल्ली में आयोजित BRICS Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं की मुलाकात भारत और चीन के रिश्तों में धीरे-धीरे हो रहे सुधार के बीच काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत पहुंचे हैं। उनकी भारत यात्रा ऐसे समय हुई है जब 2020 के गलवान संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच लंबे समय तक तनाव रहा। हालांकि, पिछले कुछ समय में दोनों देशों ने बातचीत के जरिए रिश्तों को सामान्य करने और सीमा पर तनाव कम करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं।
सीमा विवाद पर रहेगी खास नजर
मोदी और शी जिनपिंग की बातचीत में भारत-चीन सीमा और LAC पर शांति महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल रहने की उम्मीद है। गलवान संघर्ष के बाद दोनों देशों ने सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर लगातार बातचीत की है।
भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि सीमा पर शांति और स्थिरता के बिना भारत-चीन संबंधों में पूरी तरह सामान्य स्थिति हासिल करना मुश्किल होगा। दूसरी ओर, चीन भी दोनों देशों के बीच स्थिर और सहयोगात्मक संबंधों की जरूरत पर जोर देता रहा है।
व्यापार और आर्थिक संबंध भी अहम
भारत और चीन के बीच आर्थिक रिश्ते भी काफी महत्वपूर्ण हैं। चीन भारत के लिए प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में शामिल है और भारत बड़ी मात्रा में चीनी सामान और उपकरण आयात करता है।
हालांकि, भारत संवेदनशील क्षेत्रों में चीनी निवेश को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताओं को लेकर सतर्क रहा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के साथ-साथ व्यापार असंतुलन और निवेश से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में आ सकते हैं।
सीधी उड़ानों और संपर्क पर भी फोकस
भारत और चीन के बीच लोगों की आवाजाही तथा हवाई संपर्क को सामान्य बनाने की प्रक्रिया भी दोनों देशों के रिश्तों में सुधार का संकेत मानी जा रही है। सीधी उड़ानों की बहाली से छात्रों, कारोबारियों, पर्यटकों और अन्य यात्रियों के लिए दोनों देशों के बीच संपर्क आसान होने की उम्मीद है।
BRICS Summit में बड़े वैश्विक मुद्दे
मोदी-शी बैठक ऐसे समय हुई है जब BRICS Summit 2026 में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, बहुपक्षीय सहयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पश्चिम एशिया की स्थिति, यूक्रेन युद्ध और वैश्विक संस्थाओं में सुधार जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
भारत BRICS के माध्यम से विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने और वैश्विक संस्थाओं में सुधार की मांग को आगे बढ़ा रहा है।
सात साल बाद भारत आए शी जिनपिंग
शी जिनपिंग की भारत यात्रा को भारत-चीन संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच कई मतभेद अभी भी मौजूद हैं, लेकिन उच्चस्तरीय बातचीत से तनाव कम करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने की संभावना बढ़ सकती है।
Also Read This- Middle East Tension से Oil Market में फिर मचा हड़कंप
मोदी-शी बैठक का सबसे बड़ा महत्व यही है कि दोनों देश सीमा विवाद और रणनीतिक मतभेदों के बावजूद संवाद को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले समय में इस बैठक के बाद भारत-चीन संबंध किस दिशा में जाते हैं, इस पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।