ईरान-अमेरिका तनाव के बीच जॉर्डन की बड़ी कार्रवाई, पांच मिसाइलें हवा में नष्ट, बहरीन और कुवैत समेत खाड़ी देशों में हाई अलर्ट
पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के बीच जॉर्डन ने दावा किया है कि उसने अपनी हवाई सीमा की ओर बढ़ रही ईरान की पांच मिसाइलों को सफलतापूर्वक मार गिराया। वहीं बहरीन, कुवैत और अन्य खाड़ी देशों में सायरन बजने से लोगों में दहशत फैल गई और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया।
जॉर्डन की सशस्त्र सेनाओं के अनुसार, ये मिसाइलें अल-अजराक क्षेत्र की दिशा में आ रही थीं। एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते कार्रवाई करते हुए सभी पांच मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। सैन्य अधिकारियों ने कहा कि इंटरसेप्शन के दौरान मिसाइलों का मलबा जॉर्डन की जमीन पर गिरा, लेकिन किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका द्वारा ईरान के कुछ सैन्य ठिकानों और रडार प्रणालियों पर की गई कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों और सहयोगी देशों को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी। इसके कुछ ही समय बाद मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आईं।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उसके हमलों का उद्देश्य जॉर्डन में स्थित उन सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना था, जहां अमेरिकी सैनिक और आधुनिक लड़ाकू विमान तैनात हैं। हालांकि जॉर्डन ने कहा है कि उसकी वायु सुरक्षा प्रणाली पूरी तरह सतर्क है और देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।
उधर बहरीन और कुवैत में भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। कई शहरों में एयर-रेड सायरन बजाए गए और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। सुरक्षा एजेंसियों ने हवाई गतिविधियों पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टकराव और बढ़ता है तो इसका असर केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं रहेगा। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ती अस्थिरता वैश्विक ऊर्जा बाजारों को प्रभावित कर सकती है। पहले से ही तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
क्षेत्रीय सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि जॉर्डन लंबे समय से ईरान और उसके विरोधियों के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच एक महत्वपूर्ण भौगोलिक स्थिति में है। कई बार मिसाइलों और ड्रोन का मार्ग जॉर्डन के हवाई क्षेत्र के पास से गुजरता है, जिसके कारण उसे लगातार अपनी वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय रखनी पड़ती है।
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इस बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र सहित कई देशों ने चेतावनी दी है कि यदि सैन्य कार्रवाई का यह सिलसिला जारी रहा तो पूरे पश्चिम एशिया में व्यापक अस्थिरता पैदा हो सकती है। फिलहाल जॉर्डन, बहरीन, कुवैत और अन्य खाड़ी देशों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हालात तेजी से बदल रहे हैं और विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में अमेरिका, ईरान और उनके क्षेत्रीय सहयोगी किस तरह की रणनीति अपनाते हैं। फिलहाल पांच मिसाइलों को मार गिराने की जॉर्डन की कार्रवाई ने एक बड़े संभावित नुकसान को टाल दिया है, लेकिन क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात की आशंका अभी भी बनी हुई है।